Thursday, September 22, 2022

भारी बरसात के बाद भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे सहित कई सड़कें बंद, ट्रैफिक डायवर्ट

 

त्तराखंड में भारी बारिश के बाद गंगोत्री हाईवे सहित कई सड़कें बंद हो गईं हैं। सड़कें बंद होने के बाद प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खाेलने का काम जारी है।

उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद गंगोत्री हाईवे सहित कई सड़कें बंद हो गईं हैं। सड़कें बंद होने के बाद प्रशासन ने ट्रैफिक डायवर्ट किया है। प्रशासन की ओर से बंद सड़कों को खाेलने का काम जारी है, लेकिन खराब मौमस बाधा बना हुआ है। भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे पर भटवाड़ी से आगे हेलगूगाड़ के पास बुधवार सांय साढ़े पांच बजे अचानक भारी भूस्खलन होने से आवाजाही बंद हो गई है।

इससे हाईवे के दोनों ओर बड़ी संख्या में यात्री फंस गए हैं। पत्थर गिरने की सूचना पर बीआरओ की जेसीबी मौके पर पहुंची है और मार्ग को बहाल करने में जुटी है। भटवाड़ी से आगे हेलगूगाड़ जोन लगातार नासूर बन रहा है। आए दिन बारिश के कारण इस स्थान पर मार्ग बंद होने से गंगोत्री धाम की यात्रा प्रभावित हो रही है।

इसके साथ ही यात्रियों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बीआरओ की जेसीबी मौके पर पहुंची है। पहाड़ी से भूस्खलन रूकते ही मार्ग खोलने की कार्यवाही शुरू कर दी जायेगी। यात्री वाहनों को भटवाड़ी और गंगनानी में रोका गया है।



Wednesday, September 21, 2022

अचानक 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा बाइक पर सवार शख्स, की तस्वीरें नजदीकी सीसीटीवी कैमरे में हुई कैद

 चेन्नई का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि कैसे एक शख्स अचानक 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। वह अपनी बाइक खिसका रहा था कि उसके साथ हादसा हो गया।


बताया जा रहा है कि गड्ढे में पड़ी एक लोहे की छड़ से उन्हें चोट आई है। उनके सिर और कंधे पर चोट लगी है। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया। स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज सिस्टम के गड्ढों की वजह से यह दूसरा हादसा हुआ है। इससे पहले एक कार गड्ढे में घुस गई थी।

सीसीटीवी में यह पूरी घटना रेकॉर्ड हो गई और बाद में इंटरनेट पर वायरल हो गई। पिछले साल चेन्नई में भारी बारिश की वजह से जलजमाव का संकट खड़ा हो गया था। इसके बाद कॉर्पोरेशन ने स्टॉर्मवॉटर ड्रेन का काम शुरू किया है।


Tuesday, September 20, 2022

2 हफ्ते में गिरेगा बंगले का अवैध निर्माण मोदी सरकार में मंत्री नारायण राणे को HC से भारी झटका.

बॉम्बे हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को दिया करारा झटका। अदालत ने उनके जुहू स्थित बंगले पर बने अवैध निर्माण को 2 सप्ताह में गिराने का आदेश दिया 1 सप्ताह में रिपोर्ट मांगी।

केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को बॉम्बे हाई कोर्ट ने करारा झटका दिया है। अदालत ने उनके जुहू स्थित बंगले पर बने अवैध निर्माण को दो सप्ताह के अंदर गिराने का आदेश दिया है। अदालत ने बीएमसी को अवैध निर्माण गिराने का आदेश देते हुए यह माना है कि बंगले के कुछ हिस्से के निर्माण में कोस्टल  जोन और फ्लोर स्पेस इंडेक्स का उल्लंघन किया गया है। जस्टिस आरडी धानुका और कमल खाता की बेंच ने कहा कि बीएमसी राणे परिवार की कंपनी के आवेदन को स्वीकार नहीं कर सकती, जिसमें यह मांग की गई है कि वह अनधिकृत निर्माण को मंजूरी प्रदान कर दे। अदालत ने कहा कि यदि इसे मंजूरी दी जाती है तो फिर बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण शुरू हो जाएंगे।

अदालत ने बीएमसी को आदेश दिया है कि वह दो सप्ताह के अंदर अवैध निर्माण को गिरा दे। यही नहीं कार्रवाई के एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भी सौंपे। बेंच ने राणे पर 10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है और अगले एक सप्ताह के अंदर इसे जमा कराने का आदेश दिया है। मामले की सुनवाई के दौरान नारायण राणे के वकील ने अदालत से अपने आदेश पर 6 सप्ताह के लिए रोक की मांग की ताकि सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की जा सके। लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। दरअसल नारायण राणे की कंपनी ने अदालत में अर्जी दाखिल कर मांग की थी कि वह आदेश दे कि बीएमसी निर्माण को मंजूरी प्रदान करे।

बीएमसी ने इसी साल जून में नारायण राणे की ओर से अवैध निर्माण को मंजूरी प्रदान करने के लिए बीएमसी के समक्ष पहली अर्जी दी गई थी, जिसे उसने खारिज कर दिया था। इसके बाद उनकी कंपनी ने जुलाई में दूसरा आवेदन दिया था, लेकिन उसे भी खारिज कर दिया गया। इस पर नारायण राणे की कंपनी ने हाई कोर्ट का रुख किया था, लेकिन वहां भी उसे झटका ही हाथ लगा।



Thursday, April 28, 2022

देहरादून प्रेम नगर में हो रहे कुश्ती आयोजन में भाग लेते हुए उत्तराखंड के बलवान श्री राजपाल सिंह तोमर जी ने बताई उत्तराखंड की पहचान



 उत्तराखंड में देहरादून प्रेम नगर के रहने वाले राजपाल सिंह तोमर जी ने अयोध्या के पहलवानों का चैलेंज किया स्वीकार 
प्रेम नगर के एमडीडीए पार्क में कुश्ती आयोजन में श्री राजपाल सिंह तोमर जी ने लड़ी कुश्ती और क्षण भर में ही विरोधी को हराकर कुश्ती में जीत हासिल की

Tuesday, November 16, 2021

उत्तराखंड-यूपी प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के आवंटन का मसला CM पुष्कर सिंह धामी-योगी आदित्यनाथ आपस में मिलकर सुलझाएंगे, जानें विवाद

उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर जल्द ही दोनों प्रदेशों के बीच मुख्यमंत्री स्तर पर वार्ता होने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इसके लिए अफसरों के साथ 17 नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर लखनऊ जाएंगे और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे  उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों के आवंटन का मसला अब तक हल नहीं हो पाया है।

इनमें से कुछ मामले जहां कोर्ट में लंबित हैं वहीं, कुछ को लेकर दोनों राज्यों के बीच आपस में बातचीत चल रही है। अब इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री धामी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बीच बात होगी। उत्तराखंड के सचिव पुनर्गठन डॉ.रंजीत सिन्हा इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और अफसरों के समक्ष एक प्रेजेंटेशन भी रखेंगे।

साढ़े पांच हजार हेक्टेयर जमीन पर होना है फैसला 

उत्तराखंड में हरिद्वार में अकेले साढ़े पांच हजार हेक्टेयर जमीन पर फैसला होना है। इस जमीन पर अभी भी यूपी का कब्जा है। इसमें लगभग 600 हेक्टेयर जमीन कुंभ की है। राज्य सरकार कुंभ क्षेत्र की पूरी जमीन को लेने के पक्ष में है, जबकि जिले के अन्य क्षेत्रों की जमीन पर भी अपना ्नरुख साफ किया है और कहा कि यूपी इसमें से जितनी जमीन चाहता है, उसे ले ले और बाकी उत्तराखंड के सुपुर्द कर दे।    

अफसरों के बीच दो साल पहले बनी थी सहमति
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अगस्त,19 में उत्तराखंड-उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों की मौजूदगी में आला अफसरों की बैठक में ज्यादातर मामलों पर सहमति बन गई थी। तत्कालीन सीएस उत्पल कुमार सिंह ने बाकायदा यह सहमति पत्र कैबिनेट में भी रखवाया था। उत्तराखंड ने यूपी को जब इसे लागू करने को पत्र भेजा, तब तक यूपी के तत्कालीन सीएस रिटायर हो गए नए मुख्य सचिव ने समझौते को मानने से मना कर दिया।

आवास विकास की संपत्ति का लाभ भी यूपी को मिल रहा
उत्तराखंड में आवास विकास परिषद की देहरादून ऊधमसिंहनगर में कालोनियों हैं। यूपी इन्हें प्राइवेट लोगों को बेच चुका है और अब तक किश्तों का भुगतान उसी को हो रहा है। यूपी पूर्व में उत्तराखंड को किस्त लेने की सहमति दे चुका था, पर यह समझौता भी लागू नहीं हो पाया।

परिवहन की भी 500 करोड़ रुपये की संपत्ति पर विवाद
परिवहन विभाग की लगभग 500 करोड़ रुपये की संपत्ति बंटवारे का विवाद भी नहीं निपटा है। दिल्ली में लीज पर ली गई भूमि पर यूपी ने आलीशान बिल्डिंग खड़ी कर दी है, जबकि उत्तराखंड को नहीं बनाने दे रहा है। इसी तरह लखनऊ में करोड़ों की संपत्ति का भी बंटवारा नहीं हुआ है।