Tuesday, March 16, 2021

दिल्ली में दिन-प्रतिदिन कोविड-19 के मामलों में हो रही वृद्धि साउथ अफ्रीका वेरिएंट का पहला मरीज मिला, डॉक्टर सतर्क


राजधानी दिल्ली में दिन-प्रतिदिन कोविड​​-19 के मामलों में हो रही वृद्धि के बीच कोरोना वायरस के साउथ अफ्रीका वेरिएंट (Sars-CoV-2 virus) का पहला मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। 33 वर्षीय संक्रमित मरीज केरल का रहने वाला वाला हैउसे दिल्ली के लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल के स्पेशल वार्ड में रखा गया है। डॉक्टर उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

एक डॉक्टर ने बताया कि उसे साउथ अफ्रीका वेरिएंट के संदिग्ध मरीजों के लिए बनाए गए विशेष वार्ड में भर्ती किया गया है। नया वेरिएंट के लिए उसकी जेनेटिक सीक्वेंसिंग रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। मरीज को किसी भी ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता नहीं है, वह एसिंप्टोमैटिक है। डॉक्टर ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए उसे अलग रखा जाएगा ताकि संक्रमण दूसरों तक फैले। इससे पहले ट्रैवल हिस्ट्री वाले कई लोगों में कोरोना का यूके वेरिएंट पाया गया था। भारत में एक यात्री में ब्राजील वेरिएंट भी बताया गया है।

 स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, राजधानी में सोमवार को कोविड-19 के तीन और मरीजों ने दम तोड़ दिया, जिसके साथ ही मृतक संख्या बढ़कर 10,944 तक पहुंच गई। इसके मुताबिक, इसी अवधि में सामने आए संक्रमण के नए मामलों के बाद दिल्ली में संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 6,44,064 हो गई। वहीं, अब तक करीब 6.30 लाख से अधिक लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं। हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली में 2,321 एक्टिव मरीज हैं। इसके मुताबिक, शहर में रविवार को 62,272 नमूनों की जांच की गई। दिल्ली में फिलहाल 1,342 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। 

 दिल्ली में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 368 नए मामले सामने आए थे जबकि संक्रमण की दर 0.59 फीसदी पर रही। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, रविवार को लगातार चौथे दिन रोजाना 400 से अधिक संक्रमण के मामले सामने आए थे। दिल्ली में शनिवार को संक्रमण के 419 जबकि रविवार को 407 नए मामले दर्ज किए गए थे।

'दिल्ली में जब तक पॉजिटिविटी रेट 1% से कम, तब तक स्थिति नियंत्रण में'

कोविड​​-19 के मामलों में वृद्धि को लेकर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने सोमवार को कहा था कि जब तक पॉजिटिविटी रेट 1% से कम है राजधानी में महामारी की स्थिति नियंत्रण में है। जैन बताया कि अभी दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट एक प्रतिशत के निशान से काफी नीचे है। हम सतर्क हैं, लेकिन जब तक पॉजिटिविटी रेट एक प्रतिशत से नीचे है, तब तक स्थिति नियंत्रण में है। जैन ने कहा कि महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों में, जहां हाई पॉजिटिविटी रेट दर्ज किया जा रहा है, वहां पर स्थिति अलग है।

 


Monday, April 6, 2020

कोरोना के खिलाफ उत्तराखंड के लोगों ने दिखाई एकता, अपने-अपने घरों में जलाए दीये, देखें PHOTOS

           


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर प्रदेश भर में लोगों ने एकता का संदेश दिया है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सहित हरिद्वार, मसूरी, पौड़ी, टिहरी, चमोली, चंपावत, नैनीताल, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी आदि जिलों में लोगों ने 9 बजते ही अपने अपने घरों की छत और आंगन में दीया जलाए।


उतराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने परिवार सहित अपने आवास पर दीया जलाया। उन्होने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सरकार का साथ दें। सभी नागरिकों को भरोसा दिलाया कि किसी को भी खाद्यान्न की कमी नहीं होने दी जाएगी। कहा कि हम सभी मिलकर कोरोना को जड़ से खत्म कर देंगे। कहा कि सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


               


वहीं, हरिद्वार में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने सभी साधू संतो के साथ मिलकर दीप जलाए । इस दौरान सोश्ल डिस्टेंकिंग का भी पूरा ख्याल रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने दीप जलाकर कोरोना को भगाने का आह्वान किया। संतों ने भारत माता की जय जय कार करी। प्रधानमंत्री जी की के भी जय कारा के नारे लगाए। अपील की है कि सभी सोशल डिस्टनसिंग का सख्ती से पालन करें और अपने अपने घरों में रहें।दीप जलाने के साथ ही लोगों ने शंख भी बजाए जबकि, कुछ लोगों ने पटाखे भी फोड़े।


दीप जलाने से पहले शुभं करोति कल्याणम् आरोग्यम् धनसंपदा। शत्रुबुद्धिविनाशाय दीपकाय नमोऽस्तु ते।। दीपो ज्योति परं ब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः। दीपो हरतु मे पापं संध्यादीप नमोऽस्तु ते।। मंत्र का उच्चारण करें। इस मौके पर श्री महंत रविंद्रपुरी, श्री महंत राम रतन गिरी, महंत राम रतन गिरी, महंत मनीष भारती, महंत राधे गिरी, महंत नरेश गिरी, प्रदीश शर्मा, अनिल शर्मा, स्वामी राज पूरी, अमृत गिरी, धनंजय गिरी आदि मौजूद रहे।


               


देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर लोगों मसूरी में घरों में दिवाली की तरह मोमबत्ती और दिए जलाकर रौशनी की। इस दौरान लोगों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम के नारे भी लगाए व लोग शंख बजाते हुए भी नज़र आये। मसूरी में ठीक 9:00 बजे लोग घरों से बाहर छतों पर व घर की बालकोनी मे खड़े होकर मोमबत्तियां व दिए जलाते हुए नजर आए कुछ लोग 9:15 बजे तक भी छतों में मोमबत्तियां लेकर दिखाई दिए।लोगों ने 20 मिनट करीब तक अपने घरों की लाइटें बंद रखी व इस आह्वान को सफल बनाने का संकल्प लिया । वही छोटे बच्चों ने करोना को भगाना है, हिंदुस्तान को जिताना है जैसे नारे भी लगाए।



Tuesday, December 24, 2019

डबल झटका: झारखंड की हार से राज्यसभा में BJP को होगा यह बड़ा नुकसान

           


झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में हार बीजेपी के लिए दोहरे झटके की तरह है। झारखंड में हार से बीजेपी को न सिर्फ सत्ता गंवानी पड़ी है, बल्कि इसका खामियाजा संसद में भी भुगतना पड़ सकता हैसोमवार को जारी झारखंड चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा को राज्यसभा में सीटों का नुकसान हो सकता है। भले ही अगला लोकसभा चुनाव 2024 में है, मगर उससे पहले राज्यसभा के चुनावों में बीजेपी को झटका लग सकता है। जब भारतीय जनता पार्टी 2024 में अगले लोकसभा चुनाव के लिए जाएगी तो शायद उस वक्त झारखंड से इसके पास एक भी राज्यसभा की सीट न होहालांकि, आंकड़ें ऐसे कहते हैं कि अगर झारखंड विकास मोर्चा बीजेपी को समर्थन देती है तो राज्यसभा में बीजेपी अपनी वर्तमान टैली बरकरार रख सकती है। बता दें कि झारखंड चुनाव में जेवीएम (प्रजातांत्रिक) ने बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, मगर अब उसने बीजेपी को समर्थन देना का फैसला लिया है।


हालांकि, भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार यानी एनडीए सरकार राज्यसभा में अल्पमत में है, मगर विपक्ष में भीतरघात की वजह से कई अहम विधेयक मसलन नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, तीन तलाक विधेयक पास कराने में कामयाब रही है।


साल 2020, 2022 और 2024 में दो-दो सीटों पर झारखंड में द्विवार्षिक चुनाव होंगे। दरअसल, झारखंड में राज्यसभा की कुल 6 सीटें हैं, जिनमें वर्तमान में बीजेपी का तीन पर, कांग्रेस और लालू यादव की पार्टी राजद का एक-एक पर कब्जा है। वहीं छठे सीट पर स्वतंत्र सासंद परिमल नाथवाणी हैं।


इन सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी और जेएमएम-कांग्रेस-राजद गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला होगा। क्योंकि राज्य विधानसभा में मौजूदा सियासी अंकगणित ने इसे पेचीदा बना दिया है। विधानसभा और लोकसभा चुनाव के विपरीत राज्य के निर्वाचित विधायक उच्च सदन के उम्मीदवार के लिए वोट करते हैं। झारखंड में 81 विधानसभा सीटें हैं।


किसी भी राज्यसभा उम्मीदवार को जीत हासिल करने के लिए कम से कम 28 मतों की जरूरत होगी। बीजेपी के पास सिर्फ 25 सीटें हैं तो ऐसी स्थिति में उसे अन्य दलों का सहारा लेना पड़ेगा। मगर बीजेपी को अगर जेवीएम का साथ मिलता है तो समीकरण बदल सकता है, क्योंकि जेवीएम ने विधानसभा चुनाव में तीन सीटें जीती हैं। इस तरह से झारखंड में जब भी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव होंगे, हर बार बीजेपी को इन तीन सीटों की जरूरत पड़ेगी।


अगर बीजेपी को जेवीएम के 28 विधायकों का साथ मिलता है तो यह आसानी से तीन सीटें अपने नाम कर सकती है। मगर अभी जो राजनीतिक हालात हैं और अगर जेवीएम बीजेपी से दूरी बनाए रखती है तो फिर बीजेपी के लिए एक भी राज्यसभा सीट जीतना मुश्किल हो जाएगा


राज्यसभा के चुनाव में पहली सीट पर आसानी से जीत हो जाएगी, मगर हर बार दूसरे सीट के लिए ड्रामा देखने को मिल सकता है। झामुमो गठबंधन पहली सीट लाएगा, लेकिन दूसरी सीट के चुनाव में उसके पास केवल 19 अतिरिक्त विधायक हैं, जिसे विधायकों की दूसरी वरीयता के मतों से तय करना होगावहां भी, जेएमएम-कांग्रेस-आरजेडी को बीजेपी के मुकाबले फायदा होगा


उम्मीद की जा रही है कि नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली एनडीए सरकार 2021 के अंत तक राज्यसभा में बहुमत में हो जाएगी। मगर अगर बीजेपी झारखंड में एक भी सीट पाने में असफल रहती है तो फिर वह बहुमत के आंकड़े से दूर रह सकती है।


गौरतलब है कि झारखंड में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में बने जेएमएम-कांग्रेस-राजद गठबंधन ने 47 सीटें जीत कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त कर लिया है। जेएमएम 30, कांग्रेस 16 और एक सीट पर आरजेडी को जीत मिली है। वहीं, बीजेपी को सिर्फ 25 सीटें मिली हैं।