Tuesday, November 12, 2019

सक्सेस मंत्रः तरक्की के लिए अलग नजरिया देते हैं गुरु नानक देव के ये 7 विचार

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव ने दुनिया के महापुरुषों और संतों में वह ऊंचा स्थान प्राप्त किया जिसे शायद ही कोई पा सका हो। आज (12 नवंबर 2019 को) उनकी 550 वीं जयंती या कहें 550 प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। गुरु नानक देव ने अपने ओजस्वी और भक्तिपूर्ण विचारों के दम पर वह मुकाम हासिल किया जिसे राजा महाराजा भी अपनी पूरी सेना के साथ नहीं हासिल कर पाते। वह दुनिया के लिए एक ऐसे महान विचारक थे, जिनके विचार कई सदियों तक लोगों को प्रेरित और मार्गदर्शन करते रहेंगे। भारत भूमि में जन्म बहुत से महापुरुषों ने समाज को एक नयी राह दिखाने का काम किया है। हर युग में लोग उनके विचारों से प्रभावित हुए हैं। ऐसे ही महापुरुषों में गुरु नानक देव जी भी हैं। गुरु नानक की शिक्षाएं और विचार आज भी सांसारिक जीवन में भटके हुए लोगों को राह दिखाने का काम करते हैं। कहते हैं कि तरक्की को चाहिए कुछ अलग नजरिया। लेकिन यह नजरिया कैसा होता है यहां दिए गए गुरु नानक के विचारों से सीखा जा सकता है


                                         


                सफलता के लिए अलग नजरिया देते हैं गुरु नानक देव के ये 7 विचार


1-दूब की तरह छोटे बनकर रहो ! जब घास-पात जल जाते है तब भी दूब जस की तस रहती है।


2-जिस व्यक्ति को खुद पर विश्वास नहीं है वो कभी ईश्वर पर भी पूर्णरूप से कभी विश्वास नहीं कर सकता।


3-ये पूरी दुनिया कठनाइयों में है। वह जिसे खुद पर भरोसा है वही विजेता कहलाता है।


4-केवल वही वाणी बोलों जो आपको सम्मान दिलवा सके।


5-अहंकार द्वारा ही मानवता का अंत होता है। अहंकार कभी नहीं करना चाहियं बल्कि हरदय में सेवा भाव रख जीवन व्यतीत करना चाहिये।


6-जब शरीर गंदा हो जाता है तो हम पानी से उसे साफ कर लेते हैं। उसी प्रकार जब हमारा मन गंदा हो जाये तो उस ईश्वर के जाप और प्रम द्वारा ही स्वच्छ किया जा सकता है।


7-धन को जेब तक ही रखें उसे हरदय में स्थान न दें। जब धन को हरदय में स्थान दिया जाता है तो सुख शांति के स्थान पर लालच, भेदभाव और बुराइयों का जन्म होता है।


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