Sunday, November 10, 2019

गढ़वाली-कुमाऊंनी फिल्म बनाने को तैयार: तिग्मांशु

             


जाने-माने फिल्मकार तिग्मांशु धूलिया ने कहा कि उत्तराखंड के गढ़वाल और कुमाऊं अंचल में कई ऐसे विषय बिखरे हुए हैं, जिन पर फिल्में बनाई जानी चाहिए। यदि राज्य सरकार सपोर्ट करती है तो वह गढ़वाली-कुमाऊंनी बोली भाषा की फिल्म बनाने को तैयार हैं। साथ में उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार इस उम्मीद में मदद न दे कि यह फिल्में व्यावसायिक तौर पर सफल होंगी। मसूरी में राज्य स्थापना सप्ताह के तहत आयोजित फिल्म कान्क्लेव में आए तिग्मांशु ने कहा कि, जब तक स्थानीय फिल्मकार बॉलीवुड की तर्ज पर फिल्में बनाने की कोशिश करेंगे, सफल नहीं हो सकते। आंचलिक सिनेमा के पिछड़ने की भी यही वजह है। मलयाली, तमिल, बांग्ला और पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री की मिसाल देते हुए उन्होंने कहा कि यहां की आंचलिक फिल्मों के विषय उनके प्रांत की समस्याओं से मेल खाते हैं। तिग्मांशु ने कहा कि, वह राज्य में रागदेश, पान सिंह तोमर और यारा की शूटिंग कर चुके हैं। यहां शूटिंग करना उन्हें अच्छा लगता है, क्योंकि यह उनका घर है। वे बोले, वह इस राज्य के बेटे हैं, इसलिए सीएम के सामने अपनी पीड़ा रख सकते हैं। उन्होंने कहा, यहां शूटिंग से अधिक खर्च यूनिट के सदस्यों को लाने-ले जाने और ठहराने पर खर्च हो जाता है। दूसरे राज्यों के मुकाबले उत्तराखंड में होटल और परिवहन सुविधाएं महंगी हैं। उन्होंने कहा कि, सरकार जीएमवीएन, केवीएमएन के जरिए फिल्मकारों की मदद का प्रस्ताव कर सकती है।


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