Thursday, November 21, 2019

गांधी परिवार की SPG सुरक्षा वापस

                         


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और खुद को मिली विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) की सुरक्षा वापस लिये जाने पर प्रियंका गांधी ने कहा कि यह राजनीति है और होती रहती है। वहीं लोकसभा में कांग्रेस ने गांधी परिवार की सुरक्षा वापस लिये जाने पर चिंता जाहिर की और जोर देकर कहा कि दोनों की जान को खतरा है


कांग्रेस के सदस्य रवनीत सिंह बिटू ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या किये जाने के बाद प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए इस बल का गठन किया गया था। प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए राजीव गांधी को यह सुरक्षा मिली थी जिसे उनके प्रधानमंत्री पद से हटने के बाद विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने वापस ले लिया था।


बिटू ने कहा कि राजीव गांधी से एसपीजी सुरक्षा वापस लिये जाने के चंद महीने बाद ही उनकी हत्या हो गयी थी। इसी के बाद पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को भी यह सुरक्षा दी गयी थी। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 तक दस साल के संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के शासन काल के दौरान अफजल गुरू और पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी दी गयी। इसलिए सोनिया गांधी और राहुल गाँधी को जान का खतरा बना हुआ है।


बिटू अपनी बात पूरी भी नहीं कर पाये थे कि अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें रोक दिया और कहा कि वह यह विषय पूर्व में भी उठा चुके हैं। पर बिटू ने अध्यक्ष से अपनी बात पूरी करने का बार-बार आग्रह किया। अध्यक्ष ने उनकी एक नहीं सुनी। इससे झल्लाकर बिटू ने कहा, “अध्यक्ष जी आप भी उनसे (सरकार से) मिल गये हैं।” इस पर बिरला ने कहा कि उन्हें आसन से ऐसी बात नहीं कहनी चाहिए। उन्हें बाद में भी बात उठाने का मौका मिलेगा


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